मार्च-अप्रैल में होते थे 60 टेस्ट, अब हो रहे 9 हजार रोज

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मप्र में तीन महीने पहले थी एक कोरोना टेस्ट लैब, अब है 30
इंदौर/भोपाल ब्यूरो. मध्यप्रदेश में कोरोना की लड़ाई जीत की ओर है। अप्रैल में कोरोना ने मध्यप्रदेश की स्थिति बेहद खराब थी, वहीं कोरोना टेस्ट के लिए एकमात्र लैब थी और उसमें केवल 60 टेस्ट प्रतिदिन होते थे। कई लोगों की जांचे 15 दिन में आती थी, लेकिन अब प्रदेश में 9 हजार टेस्ट रोजाना हो रहे हैं। इससे मध्यप्रदेश अब कोरोना से लड़ाई में जीत की ओर हैं।

प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब मध्य प्रदेश में कोरोना की जांच 30 लैब में हो रही है। इन लैबों को विकसित करते हुए प्रतिदिन 9 हजार टेस्ट रोज किए जा रहे हैं। इससे प्रदेश का रिकवरी रेट 77 प्रतिशत हुआ है। जो अन्य प्रदेशों से अच्छा है। प्रदेश में संक्रमण कम हो गया है। हमारी स्वास्थ्य व्यवस्थाएं मजबूत हैं। इसमें निजी अस्पताल भी सहयोग कर रहे हैं। प्रदेश में आईसीयू बेड पर्याप्त मात्रा में हैं। इन्दौर और भोपाल कोरोना से अधिक ग्रसित थे, लेकिन यहां कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। हर -घर में सर्वे से कोरोना पूरी तरह नियंत्रित हो जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मुरैना जिले में में राजस्थान के धौलपुर से आने वाले व्यक्तियों की स्क्रीनिंग की जा रही है। अंतर्राज्यीय मार्ग, कोरोना संक्रमण का कारण न बनें, इसके लिए सभी सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

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